पाठ-2 अम्ल, क्षारक एवं लवण महत्वपूर्ण प्रश्न class 10
Q.1. अम्ल किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह पदार्थ जिसका स्वाद खट्टा होता है, जो नीले लिटमस को लाल कर देता है तथा जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) प्रदान करता है, अम्ल कहलाता है।
उदाहरण:
HCl (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल), H₂SO₄ (सल्फ्यूरिक अम्ल)
Q.2. क्षार किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह पदार्थ जिसका स्वाद कड़वा होता है, छूने में साबुन जैसा चिकना होता है, जो लाल लिटमस को नीला कर देता है तथा जल में घुलकर हाइड्रॉक्साइड आयन (OH⁻) प्रदान करता है, क्षार कहलाता है।
उदाहरण:
NaOH (सोडियम हाइड्रॉक्साइड), KOH (पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड)
Q.3. लवण किसे कहते हैं?
उत्तर:
अम्ल और क्षार की उदासीनीकरण अभिक्रिया से बने पदार्थ को लवण कहते हैं।
उदाहरण:
HCl + NaOH → NaCl + H₂O
(यहाँ NaCl एक लवण है)
Q.4. pH स्केल क्या है?
उत्तर:
pH स्केल एक मात्रात्मक पैमाना है, जिसके द्वारा किसी विलयन की अम्लीय, क्षारीय या उदासीन प्रकृति ज्ञात की जाती है। इसका मान 0 से 14 के बीच होता है।
Q.5. अम्लीय विलयन का pH मान कितना होता है?
उत्तर:
अम्लीय विलयन का pH मान 7 से कम होता है।
Q.6. क्षारीय विलयन का pH मान कितना होता है?
उत्तर:
क्षारीय विलयन का pH मान 7 से अधिक होता है।
Q.7. सार्वत्रिक सूचक (Universal Indicator) क्या है?
उत्तर:
जो सूचक विभिन्न रंगों के माध्यम से किसी विलयन का pH मान और उसकी अम्लीय, क्षारीय या उदासीन प्रकृति बताता है, उसे सार्वत्रिक सूचक कहते हैं।
Q.8. दही खट्टा क्यों होता है?
उत्तर:
दही में मौजूद बैक्टीरिया दूध की लैक्टोज शर्करा को लैक्टिक अम्ल में बदल देते हैं, इसलिए दही खट्टा हो जाता है।
Q.9. अम्लीय वर्षा क्या है?
उत्तर:
वह वर्षा जिसमें सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) और नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) मिले होते हैं, उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं।
Q.10. अम्लीय वर्षा के कारण एवं प्रभाव लिखिए।
उत्तर:
कारण: कारखानों और वाहनों से निकलने वाली सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) तथा नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) वायुमंडल में जाकर अम्ल बनाती हैं, जिससे अम्लीय वर्षा होती है।
प्रभाव:
- फसलों और वनों को नुकसान
- इमारतों और स्मारकों का क्षय
- जल स्रोतों में रहने वाले जीवों को हानि
उत्तर:
जब हम मीठा या शर्करा युक्त भोजन करते हैं, तो मुँह में मौजूद बैक्टीरिया शर्करा को अम्ल में बदल देते हैं। यह अम्ल दाँतों के इनेमल को धीरे-धीरे नष्ट कर देता है, जिससे दाँतों का क्षय होता है।
रोकथाम:
- नियमित रूप से दाँत साफ करना
- क्षारीय टूथपेस्ट का प्रयोग करना
- अधिक मीठा खाने से बचना
Q.12. धावन सोडा, विरंजक चूर्ण, कास्टिक सोडा और प्लास्टर ऑफ पेरिस के दो–दो उपयोग लिखिए।
उत्तर:
1. धावन सोडा (Na₂CO₃·10H₂O)
उपयोग:
- कपड़े धोने और सफ़ाई में
- जल की कठोरता दूर करने में
2. विरंजक चूर्ण (CaOCl₂)
उपयोग:
- पीने के पानी को कीटाणुमुक्त करने में
- कपास और लिनन के कपड़े सफेद करने में
3. कास्टिक सोडा (NaOH)
उपयोग:
- साबुन और डिटर्जेंट बनाने में
- कागज़ एवं वस्त्र उद्योग में
4. प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O)
उपयोग:
- मूर्तियाँ और खिलौने बनाने में
- टूटी हड्डियों पर प्लास्टर चढ़ाने में
उत्तर:
(क) खाने का सोडा बनाने की विधि
खाने का सोडा का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO₃) है। इसे अमोनिया-सोडा विधि द्वारा बनाया जाता है।
रासायनिक समीकरण:
NaCl + NH₃ + H₂O + CO₂ → NaHCO₃ ↓ + NH₄Cl
(यहाँ NaHCO₃ अवक्षेप के रूप में प्राप्त होता है)
(ख) खाने के सोडे पर ताप का प्रभाव
जब खाने के सोडे को गरम किया जाता है, तो यह अपघटित होकर सोडियम कार्बोनेट, जल और कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है।
रासायनिक समीकरण:
2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂
Q.14. बेकिंग पाउडर में टार्टरिक अम्ल क्यों मिलाया जाता है?
उत्तर:
बेकिंग पाउडर में टार्टरिक अम्ल इसलिए मिलाया जाता है ताकि खाने के सोडे (NaHCO₃) से बनने वाले सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) के कड़वे स्वाद को निष्क्रिय किया जा सके और भोजन को खराब होने से बचाया जा सके।
Q.15. धावन सोडा बनाने की विधि का रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर:
धावन सोडा का रासायनिक नाम सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट (Na₂CO₃·10H₂O) है। इसे सोडा लाया (Soda Ash) से बनाते हैं।
विधि और रासायनिक समीकरण:
सोडियम बाइकार्बोनेट (खाने का सोडा) को गरम करना:
2NaHCO₃ → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂
Na₂CO₃ को पानी में घोलकर क्रिस्टलीकरण करना:
Na₂CO₃ + 10H₂O → Na₂CO₃·10H₂O ↓ (धावन सोडा)
Q.16. ब्लीचिंग पाउडर बनाने की विधि तथा रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर:
(क) ब्लीचिंग पाउडर बनाने की विधि
ब्लीचिंग पाउडर का रासायनिक नाम कैल्शियम ऑक्सी क्लोराइड (CaOCl₂) है।
इसे चूना (CaO) और क्लोरीन गैस (Cl₂) की अभिक्रिया से तैयार किया जाता है।
(ख) रासायनिक समीकरण
CaO + Cl₂ → CaOCl₂
Q.17. pH का दैनिक जीवन में महत्त्व बताइए।
उत्तर:
खाद्य पदार्थों में:
आम, नींबू, दही आदि में अम्लीय pH होने से स्वाद और संरक्षण बनता है।
साबुन और शहद जैसे उत्पादों में उचित pH बनाए रखना जरूरी है।
जल की गुणवत्ता में:
पीने के पानी का pH 6.5–8.5 होना चाहिए, ताकि यह सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक हो।
कृषि में:
मिट्टी का pH 6–7 होना फसलों के लिए उचित है।
बहुत अम्लीय या क्षारीय मिट्टी में फसल खराब हो सकती है।
दैनिक स्वास्थ्य:
मानव रक्त का pH लगभग 7.4 रहता है, जिससे शरीर का कार्य ठीक चलता है।
pH असंतुलन से स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।
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